मस्तिष्क  विचारों का खजाना होता है कभी भी कहीं भी चले आते हैं ऐसा ही विचार सफर के दौरान चल पड़ती है  हमसफ़र यात्रियों के  मध्य बातें और जब बात चुनाव की उत्सव की हो  तो हर व्यक्ति  ऐसे ही  चर्चाओं पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हैं  ऐसी चर्चाओं की कुछ कही कुछ अनकही बातें  मेरे  कानों के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंची  और मेरी कलम ने मुझे अपने गांव के चुनावी  उत्सव को लेकर  कुछ लिखने को मजबूर किया।

चाहे सफर हो  गांव के चौपाल हो चाय की थड़ी हो  जहां कहीं भी चार व्यक्ति मिल बैठते हैं  तो हो जाती है चर्चा पंचायत चुनाव की और  ऐसे ही चर्चाओं सर्द हवाओं के बीच अलाव ताप आते हुए लोगों के बीच चुनावी सरगर्मियो के बीच कभी-कभी तो आपका अपना आपका चहेता जैसे रिश्तो ओर सेवाभावी इमानदार कर्मठ जैसी मानद  उपाधियों के साथ एक नया उम्मीदवार जन्म ले लेता है।

पंचायत चुनावी हो स्मार्ट चुनाव
 

जब जमाना स्मार्ट तो  पंचायत चुनाव 2020 में गांव के सरपंच का चुनाव भी आखिर स्मार्ट क्यों न हो मैं इस बात से परिचित हूं कि मेरा यह मशवरा शायद  आपको है वह आरिक लगे  लेकिन  गांव का एक जागरूक मतदाता  होने की वजह से मुझे अपेक्षा करता हूं  कि हर खास और आम मतदाता की यही अपेक्षा होगी।

गांव का मुखिया गांव का सरपंच कोई भी बने लेकिन मायने यह रखता है तथा गांव का हर मतदाता यह जानना चाहेगा  गांव के उस भावी सरपंच  का  गांव के विकास को लेकर क्या एजेंडा है क्या उसकी प्राथमिकता होगी क्या उसकी योजनाएं हैं एक घोषणा पत्र के माध्यम से गांव के मतदाताओं के समक्ष प्रस्तुत करें  ताकि गांव का भविष्य निर्माता मतदाता  आपने गांव की भागदौड़ सही को और सच को चुनकर उसे सौंप सकें।

चुनाव के साथ-साथ सभी ग्रामीण जनों के बीच का आपसी भाईचारा प्रेम और सौहार्द बना रहे यह भी पहली प्राथमिकता  होनी चाहिए झूठ की बुनियाद पर खड़ी की गई मंजिल आखिर कब तक चल पाएगी जनता को वादे नहीं गांव की तस्वीर और तकदीर बदलने के इरादे वाला सरपंच चाहिए।

इस चुनावी मौसम में जाने अनजाने चित परिचित रिश्ते भले बन जाए हर कोई आपका अपना चहेता सेवाभावी के रिश्ते में बांधने का प्रयास करें लेकिन मेरे प्यारे मतदाताओं आप से विनम्र अपील है कि आप आपका अपना चहेता होने का मुखौटा किसी को चढ़ा मत देना।बस गांव की उसको उसकी पहचान मिले गांव में विकास हो गांव में सौहार्द और भाईचारा बना रहे इसी बात को मध्य नजर रखते हुए हर प्रकार के लोभ लालच जात पात से ऊपर उठकर सही को चुने सच को चुने तभी होगा काम का विकास तभी मिल पाएगी गांव को उसकी पहचान।

गांव का हर  सरपंच उम्मीदवार गांव के विकास की प्राथमिकताओं को लेकर उनका क्या एजेंडा है, क्या है उनकी भावी योजनाएं आम जनता को अवगत कराएं ” 

आपका एक  सही निर्णय गांव की दशा और दिशा को बदल सकता है अब आप गांव को किस दिशा में ले जाते हो अब निर्णय जनताजनार्धन के हाथों में है ।

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