Religious , Cultural & historical Issues

September 15, 2021

वराह मंदिर का निर्माण कब और किसने करवाया था ?(When and who built the Varaha temple ?)

वराह मंदिर का नाम सुनते ही अजमेर जिले के विश्व प्रसिद्ध वराह मंदिर का खयाल मन और मस्तिष्क में आ जाता है । वैसे भारत के कई शहरों और कस्बों में, गांव में वराह मंदिर जरूर स्थापित है, लेकिन जिस प्रकार पुष्कर के वराह मंदिर की अपनी एक अलग पहचान, एक अलग इतिहास और अलग आध्यात्मिक महत्व है, उसी प्रकार अजमेर जिले के ही अंतिम छोर पर बसे हुए ऐतिहासिक,...

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August 13, 2021

हाड़ी रानी की बावड़ी कहां है ? यह बावड़ी अपनी भूल भुलैया और वैभवता के कारण है प्रसिद्ध ।

धोरा की धरती ,वीर प्रसूता और आन- बान- शान और वैभव की धरती राजस्थान राज्य के टोंक जिले में संत पीपा की तपोभूमि टोडारायसिंह शहर में टोडारायसिंह-बघेरा-केकड़ी मार्ग पर स्थित एक ऐतिहासिक और विशाल बावड़ी है। जिसे हाडी रानी की बावड़ी कहा जाता है । ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण 1342 (14 वी शताब्दी)  में टोडारायसिंह के राजा ने करवाया था । इस बावड़ी केे निर्माण और इसे हाड़ी रानी की...

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May 25, 2021

अजमेर जिले के इस गांव में भी है अजंता एलोरा जैसी कलाकृतियां

अपना अस्तित्व खोने को मजबूर है बघेरा की अजंता एलोरा कलाकृतियां     राजस्थान के अजमेर जिले में केकड़ी तहसील में बघेरा के नाम से प्रसिद्ध एक छोटा सा कस्बा जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है प्राचीन कला संस्कृति और सभ्यता को अपने में समेटे हुए यह छोटा सा कस्बा ऐतिहासिक प्राचीन और पुरातात्विक दृष्टि से एक अलग ही महत्व और स्थान रखता है बघेरा के नाम से जाने जाने वाला...

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May 25, 2021

ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व रखता है बघेरा का ब्रह्माणी माता मंदिर धाम

राजस्थान के अजमेर जिले में केकड़ी तहसील में बघेरा के नाम से प्रसिद्ध एक कस्बा जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है प्राचीन कला संस्कृति और सभ्यता को अपने में समेटे हुए यह छोटा सा कस्बा  पौराणिक आध्यत्मिक ऐतिहासिक प्राचीन और पुरातात्विक दृष्टि से एक अलग ही महत्व और स्थान रखता है ।    बघेरा कस्बे में है यह स्थान बघेरा के नाम से जाने जाने वाला यह कस्बा  कभी...

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May 25, 2021

अजमेर जिले का बघेरा गाँव जहाँ ढोला मारू की प्रेम गाथा आज भी जीवंत हैं

    राजस्थान की वीर प्रसूता धरा शौर्य के साथ प्रेम और बलिदान की गाथाओं से भी भरी है। प्रेमी युगल ढोला-मारू के प्रेम और समर्पण   की कथा राजस्थानी लोक गीतों और किंवदंतियों के साथ आज भी युवाओं के हृदय को तरंगित कर देती है।    इस गांव में हुआ था ढोला मारू का विवाह एक किंवंदती के अनुसार ढोला-मारू का विवाह अजमेर जिले के  अंतिम छोर पर बघेरा गांव में...

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May 24, 2021

बघेरा में विष्णु के दशावतार भगवान वराह की अद्वितीय प्रतिमा है

हमारा  देेश और प्रदेश आध्यात्मिकता, पौराणिकता और ऐतिहासिकता को समेटे हुए है  हजारों- वर्षो  से  यही परंपरा  चली आ रही है युगों- युगों  से धर्म ओर आध्यात्मिकता तथा धार्मिक ओर आस्था के केंद्र मंदिर हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है ।  जब धर्म और आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के प्राचीन मंदिरों के महत्व के प्राचीन मंदिरों की बात होती है तो  भूमि राजस्थान के अजमेर जिले में केकड़ी तहसील...

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May 24, 2021

अजमेर जिले के इस गांव में है ,महा वराह और नर वराह की अद्वितीय और ऐतिहासिक प्रतिमाये

राजस्थान के अजमेर जिले के अंतिम छोर पर स्थित और केकड़ी पंचायत समिति की सबसे बड़ी बड़ी ग्राम पंचायत जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है बल्कि इसकी ऐतिहासिकता, आध्यात्मिकता, और पौराणिकता को अपने आप में समेटे हुए इस कस्बे का नाम ही आज भगवान वराह के नाम पर जाना जाता है नाम भले ही इसका बघेरा हो लेकिन आज भी इसे बाराजी का गांव कहां जाता है      ...

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May 24, 2021

अजमेर जिले के इस गांव में है “राजा भर्तृहरि की गुफ़ा”

  “वीरो ओर पीरो की खान”  राजस्थान राज्य के अजमेर जिले  के अंतिम छोर पर बसा आज का बघेरा कस्बा  न केवल अपने विश्व प्रसिद्ध शूर वराह मंदिर ओर प्रेम के प्रतीक तोरण द्वार व अपनी ऐतिहासिकता पौराणिकता के लिए जाना जाता है बल्कि यहां राजा भृतहरि की तपो स्थली भी हैं, जो लोगों को बरबस ही अपनी ओर खिंचती लेती हैं। बघेरा  में  केकड़ी -टोडा रायसिंह बाईपास रोड़ पर...

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May 24, 2021

व्याघ्रपदपुर से बघेरा तक की यात्रा का पूरा इतिहास

हमारे गौरव ,शौर्य और स्वामीभक्ति की अमर कथाओ की  पर्याय हमारी धरा अपने आंचल में अनेक सभ्यताओं संस्कृतियों और इतिहास को  समेटे हुए हैं यह समय की गति ही कही जाएगी कि सभ्यता ,संस्कृति अध्यात्म और व्यापार के केंद्र के रूप में रहने वाले स्थान लुप्त हो चुके हैं या फिर खंडहर के रूप में अपनी गाथायें बयां कर रहे हैं जो अवशेष आज है उनकी उचित देखभाल और सारसंभाल...

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May 24, 2021

जैन अतिशय क्षेत्र बघेरा जहां धरती की कोख से निकलती है प्रतिमाएं

इतिहास और पौराणिकता की दृष्टि से बघेरा ओर जैन धर्म का  संबध       अजमेर जिले का बघेरा कस्बा पौराणिकता, आध्यत्मिकता, ऐतिहासिकता के दृष्टिकोण से अपनी अलग ही पहचान रखता है । बघेरा में न केवल वैष्णव धर्म/ सम्प्रदाय वरन जैन धर्म/ सम्प्रदाय के दृष्टिकोण से भी अपनी अलग ही पहचान रखता  है। खुदाई में अनेक जैन मूर्तियों का मिलना  सबसे  बड़ा प्रमाण है  ।  खुदाई में मूर्तियो  के मिलने दौरान आज...

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