Category: Religious , Cultural & historical Issues

शब्दों की मर्यादा: बोलने की उपयोगिता और जीवन में संतुलन”

“शब्दों की मर्यादा: बोलने की उपयोगिता और जीवन में संतुलन मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है,और उसकी सबसे बड़ी विशेषता है उसके बोलने की क्षमता और कला। यह क्षमता और कला…

शायरी/काव्य/कविता: आध्यात्मिक होली

अबीर गुलाल कोरे गोरे कपोलहु सोहते। मृदंग ताल झांझ मंजीरे वीथियन बाजते ।। होली की उमंग में मस्ती चुहुँ दिशि उड़ेलते। रंग बिरंगी छटा से तन मन सकल मोहते।। कुसुमित…

विद्या ददाति विनियम …. केवल श्लोक नहीं वरन जीवन निर्वाह का सूत्र

विद्या ददाति विनियम …. केवल श्लोक नहीं वरन जीवन निर्वाह का सूत्र,संस्कृत का यह उद्धरण एक श्लोक नहीं वरन जीवन के क्रमिक निर्वाह की अवधारणा का एक सार सारगर्भित लेख…

काव्य: रंग बिरंगी होली आयी,

रंग बिरंगी होली आयी,गोरी सतरंगी बनठन आयीगुब्बारे में प्रेमरंग भरके लायीमस्तानो की टोली आयी, क़ातिल निगाहे गजब डाहे,गोरी रंग मलती बाहँ उठायेभीगी चुनरी चोली खेलो होली नैन नशीले बदन गठीला,पिया…

बघेरा ब्रह्माणी माता मंदिर में देवी का मूल स्वरूप आया सामने,भक्त उमड़ रहे हैं मूल स्वरूप का दर्शन करने के लिए..

धर्म और आध्यात्म से जुड़ी घटना: बात आस्था और विश्वास की है बघेरा ब्रह्माणी माता मंदिर में देवी का मूल रूप आया सामने,भक्त उमड़ रहे हैं नए रूप का दर्शन…

निर्जला एकादशी का व्रत कब है ? 17 जून या 18 जून

ज्येष्ठ शुक्‍ल एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाता है। जेठ के महीने की भीषण गर्मी में बिना अन्‍न-जल ग्रहण किए निर्जला व्रत रखना बहुत कठिन होता है। इसलिए…

बिजासन माता मंदिर बघेरा ‘बच्चों की देवी ‘के रूप में विशेष महत्व रखता है,जहां पर छोटे छीटे पत्थरो से मकाननुमा आकृतियां बनाकर नये मकान बनाने की मन्नते की जाती है ।

राजस्थान के केकड़ी जिले का बघेरा कस्बा भी धर्म, अध्यात्म, पौराणिकता को अपने आप मे समेटे हुए कस्बा रहा है जिसका उल्लेख विभिन्न पौराणिक और धार्मिक ग्रंथो, इतिहासकारो के ग्रंथ…

कोटा का रिवर फ्रंट क्या है ? चंबल माता की मूर्ति के साथ यह भी है आकर्षण का मुख्य केंद्र

देश व प्रदेश में शैक्षणिक तथा औद्योगिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध कोटा नगरी की पहचान अब रिवर फ्रंट के नाम से होने लगी है। चंबल नदी के किनारे पर…

हिन्दू एवं मुस्लिमो की आस्था का केंद्र है पोकरण का बाबा रामदेव मंदिर

जैसलमेर जिले के पोकरण के पास विश्व प्रसिद्ध बाबा रामदेव का मंदिर स्थित है जहां पर प्रतिवर्ष भादवा की दूज पर मेला भरता है जिसमें देश प्रदेश से करोड़ों श्रद्धालु…

शृंगार पर काव्य : गोविन्द नारायण शर्मा

शृंगार पर सार्थक काव्य इस रचना के रचनाकार गोविन्द नारायण शर्मा है यह इनकी मौलिक रचना है। ____________________________ अधर मोन हो गये पलक चिलमन बात,ना तू सुने ना मैं ये…

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