Category: Religious , Cultural & historical Issues

अजमेर के तारागढ़ दुर्ग का मेवाड़ रियासत और टोंक जिले के आधुनिक कस्बे टोडारायसिंह से गहरा सम्बन्ध रहा है।

अजमेर जिले के अंतिम छोर पर बसे ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और पौराणिक गांव बघेरा से करीब 15 किलोमीटर दूर टोडारायसिंह (जिला टोंक) जो की एक तहसील मुख्यालय हैं, एक ऐतिहासिक कस्बा…

वराह मंदिर का निर्माण कब और किसने करवाया था ?(When and who built the Varaha temple ?)

वराह मंदिर का नाम सुनते ही अजमेर जिले के विश्व प्रसिद्ध वराह मंदिर का खयाल मन और मस्तिष्क में आ जाता है । वैसे भारत के कई शहरों और कस्बों…

हाड़ी रानी की बावड़ी कहां है ? यह बावड़ी अपनी भूल भुलैया और वैभवता के कारण है प्रसिद्ध ।

धोरा की धरती ,वीर प्रसूता और आन- बान- शान और वैभव की धरती राजस्थान राज्य के टोंक जिले में संत पीपा की तपोभूमि टोडारायसिंह शहर में टोडारायसिंह-बघेरा-केकड़ी मार्ग पर स्थित एक ऐतिहासिक और…

अजमेर जिले के इस गांव में भी है अजंता एलोरा जैसी कलाकृतियां

अपना अस्तित्व खोने को मजबूर है बघेरा की अजंता एलोरा कलाकृतियां     राजस्थान के अजमेर जिले में केकड़ी तहसील में बघेरा के नाम से प्रसिद्ध एक छोटा सा कस्बा जो किसी…

ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व रखता है बघेरा का ब्रह्माणी माता मंदिर धाम

राजस्थान के अजमेर जिले में केकड़ी तहसील में बघेरा के नाम से प्रसिद्ध एक कस्बा जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है प्राचीन कला संस्कृति और सभ्यता को अपने में…

अजमेर जिले का बघेरा गाँव जहाँ ढोला मारू की प्रेम गाथा आज भी जीवंत हैं

    राजस्थान की वीर प्रसूता धरा शौर्य के साथ प्रेम और बलिदान की गाथाओं से भी भरी है। प्रेमी युगल ढोला-मारू के प्रेम और समर्पण   की कथा राजस्थानी लोक गीतों…

बघेरा में विष्णु के दशावतार भगवान वराह की अद्वितीय प्रतिमा है

हमारा  देेश और प्रदेश आध्यात्मिकता, पौराणिकता और ऐतिहासिकता को समेटे हुए है  हजारों- वर्षो  से  यही परंपरा  चली आ रही है युगों- युगों  से धर्म ओर आध्यात्मिकता तथा धार्मिक ओर…

अजमेर जिले के इस गांव में है ,महा वराह और नर वराह की अद्वितीय और ऐतिहासिक प्रतिमाये

राजस्थान के अजमेर जिले के अंतिम छोर पर स्थित और केकड़ी पंचायत समिति की सबसे बड़ी बड़ी ग्राम पंचायत जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है बल्कि इसकी ऐतिहासिकता, आध्यात्मिकता,…

अजमेर जिले के इस गांव में है “राजा भर्तृहरि की गुफ़ा”

  “वीरो ओर पीरो की खान”  राजस्थान राज्य के अजमेर जिले  के अंतिम छोर पर बसा आज का बघेरा कस्बा  न केवल अपने विश्व प्रसिद्ध शूर वराह मंदिर ओर प्रेम…

व्याघ्रपदपुर से बघेरा तक की यात्रा का पूरा इतिहास

हमारे गौरव ,शौर्य और स्वामीभक्ति की अमर कथाओ की  पर्याय हमारी धरा अपने आंचल में अनेक सभ्यताओं संस्कृतियों और इतिहास को  समेटे हुए हैं यह समय की गति ही कही…

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