सोमवती अमावस्या : पीपल पूजन,108 परिक्रमा और सनातन परंपरा का महापर्व

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेषमहत्व माना गया है, किंतु जब अमावस्या सोमवार के दिन आती है तो उसे “सोमवती अमावस्या” कहा जाता है। यह दुर्लभ संयोग वर्ष में…

अनीता बिश्नोई(सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर) कौन है ? संघर्ष,आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना की प्रेरक,हाल ही में एक घटना से आई चर्चा में,

राजस्थान की धरती सदैव ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म देती रही है जिन्होंने अपने साहस, संघर्ष और कर्मठता से समाज में अलग पहचान बनाई। उन्हीं व्यक्तित्वों में एक नाम है अनीता…

विश्व पर्यावरण दिवस: 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है ? भारत में पहली बार कब मनाया गया?

विश्व पर्यावरण दिवसप्रकृति के संरक्षण का वैश्विक संकल्पपर्यावरण केवल पेड़-पौधों, नदियों और पहाड़ों का नाम नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण जीवन का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, उपजाऊ भूमि…

कौन है ? सुवेंदु अधिकारी : जीवन परिचय,संघर्ष, रणनीति और सत्ता तक का राजनीतिक सफर

पश्चिम बंगाल की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में जिन नेताओं ने सबसे अधिक चर्चा बटोरी है, उनमें सुवेंदु अधिकारी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वे एक ऐसे…

शब्दों की मर्यादा: बोलने की उपयोगिता और जीवन में संतुलन”

“शब्दों की मर्यादा: बोलने की उपयोगिता और जीवन में संतुलन मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है,और उसकी सबसे बड़ी विशेषता है उसके बोलने की क्षमता और कला। यह क्षमता और कला…

शायरी/काव्य/कविता: आध्यात्मिक होली

अबीर गुलाल कोरे गोरे कपोलहु सोहते। मृदंग ताल झांझ मंजीरे वीथियन बाजते ।। होली की उमंग में मस्ती चुहुँ दिशि उड़ेलते। रंग बिरंगी छटा से तन मन सकल मोहते।। कुसुमित…

काव्य/मुक्तक/कविता: “ऋतु राज बसंत”

खेतों में सरसों लहराये आई ऋतु बसन्त। पीले परिधान सजी धरा दुल्हन दिगन्त।। मरु माटी टेसू पल्लव जगे उल्लास लिए। बल्लरी उलसित आलम्बन आस लिए।। हरित रंग पहर घाघरा पीली…

समस्याओं में समाधान ढूंढना एक सृजनात्मक प्रक्रिया

समस्याओं से घबराकर भाग जाने से अच्छा है जरूरत पड़ने पर सामना करें lसमस्या किसके जीवन में नहीं आती है इस संसार में हर व्यक्ति कहीं ना कहीं किसी न…

गज़ल: “ख़ुश्क आंखों में नए ख्वाब”

ख़ुश्क आंखों में नए ख़्वाब सजाने आई , पलके नींद से बोझिल हुई तेरी याद आई ।। वक्त की धूप ने झुलसा दिया जब चेहरा मेरा। काली घटा सी तेरी…

गणतन्त्र दिवस पर बाल कविता “मस्ती में झूम उठे सारा हिन्दुस्तान”

26 जनवरी गणतन्त्र दिवस महान।। चहुंओर तिरंगा लहराए आसमान, सब जन मिल गाए पावन राष्ट्रगान।। वीरों ने हंसते हुए अपने प्राण गंवाएं, संविधान से अधिकार हमें दिलाएं।। हम सब मिलकर…

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