राजस्थान के एक ऐसे मुख्यमंत्री जिन्होंने राजनीति में अपना एक नया मुकाम बनाया जो दिव्यांग थे उधर हमसे दिव्यांग बचपन की बचपन में एक घटना ने उन्हें दिव्यांग बना दिया । उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कभी अपने कार्य में बाधक नहीं बनने दिया। जी हां हम बात कर रहे हैं राजस्थान के एक ऐसे सफल मुख्यमंत्री की जिन्होंने राजस्थान में तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में सफलतापूर्वक अपना कर्तव्य निर्वाह किया ।

  • राजस्थान के यह मुख्यमंत्री थे दिव्यांग 

राजस्थान में किसी दिव्यांग मुख्यमंत्री की बात जरा अटपटी लगें पर यह सच है। जी हां हम बात कर रहे हैं राजस्थान के मुख्यमंत्री ” हरीदेव जोशी”  की जो दिव्यांग थे। इनके बावजूद भी,एक हाथ से दिव्यांग होने के बावजूद भी उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम कर कांग्रेस का सहारा बने ।

  • एक घटना ने बना दिया उनको दिव्यांग

बांसवाड़ा के  खांदू गांव निवासी हरिदेव जोशी जरूर से दिव्यांग नहीं थी बल्कि अपनी मात्र 10 वर्ष की आयु (करीब 1931में) में चोटिल हो गए थे । बचपन की इस घटना में उनका बाया हाथ टूट गया । प्राथमिक उपचार के बाद एक बार तो यूं लगा कि उनका हाथ ठीक हो रहा है लेकिन जब उसे चिकित्सक को दिखाया गया तो चिकित्सक ने उनका हाथ काटे जाने का परामर्श दिया जिससे उनका परिवार स्तब्ध गया । उनकी जान बचाने के लिए उनका बायां हाथ काटना पड़ा, फिर भी जोशी जी ने अपनी इस दिव्यांगता को अपने जीवन में बाधक नहीं बनने दिया और लगातार आगे बढ़ते रहे।

  • मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल

पहली बार यह राजस्थान की पांचवीं विधानसभा जिसका कार्यकाल 1972 से 1977 तक रहा जिसमें चुनाव के पश्चात राजस्थान के मुख्यमंत्री बने । इस बार उनका कार्यकाल 11 नवंबर 1973 से 29 अप्रैल 1977 तक रहा। सन 1985 में  आठवीं विधानसभा केचुनाव के बाद ये  राजस्थान के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाए गए थे । इस बार इनका कार्यकाल 10 मार्च 1985 से 20 जनवरी 1988 तक रहा । इसके अतिरिक्त राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में उनका तीसरा कार्यकाल 4 दिसंबर 1989 से 4 मार्च 1990 तक रहा।

ज्ञात हो कि हरिदेव जोशी एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो राजस्थान विधानसभा के सदस्य के रूप में लगातार 10 बार चुनाव जीते थे।हरिदेव जोशी राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रहे लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण एक भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए । 

  • श्री हरिदेव जोशी का जीवन परिचय

स्वतंत्रता सेनानी और लगातार 10 बार विधानसभा के चुनाव में विजयी रहने वाले श्री हरिदेव जोशी का जन्म 17 दिसंबर 1921 को खांदू(बांसवाड़ा) में हुआ था । ये तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री भी रहे ।इन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत राजस्थान के विधानसभा के पहले चुनाव में डूंगरपुर से विधायक के रूप में की और 1957 में घाटोल से तथा इसके अतिरिक्त 8 बाए बांसवाड़ा से विधायक रहे। हरिदेव जोशी राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रहे लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण एक भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए । 

ध्यातव्य- श्री हरिदेव जोशी असम,मेघालय और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।

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