Category: Social Issues

समस्याओं में समाधान ढूंढना एक सृजनात्मक प्रक्रिया

समस्याओं से घबराकर भाग जाने से अच्छा है जरूरत पड़ने पर सामना करें lसमस्या किसके जीवन में नहीं आती है इस संसार में हर व्यक्ति कहीं ना कहीं किसी न…

अच्छी आदते बालक के सुखद भविष्य निर्माण का माध्यम

अच्छी आदत बालक के सुखद भविष्य का निर्माण तय करती है बिल्कुल! अच्छी आदते बालमन के विचारों को जीवन के कर्मिक विकास में एक नई दिशा प्रदान करते है जिससे…

भजन संध्या में डांसर का प्रदर्शन: धार्मिक मर्यादा पर प्रश्नचिह्न, संस्कारों की भूमि पर सांस्कृतिक अपसंस्कृति का बढ़ता चलन चिंता का विषय

एक समय था जब भजन संध्याएं आध्यात्मिक शांति, भक्ति और आत्मसाक्षात्कार का माध्यम मानी जाती थीं। मगर बीते कुछ समय से इस पवित्र परंपरा में एक विचित्र और निंदनीय बदलाव…

बीज उपचार (seed treatment) क्या है ? इसके क्या है फायदे,

कृषि प्रधान देश में कृषि का आधुनिक तरीके से करना आज की महती जरूरत है ताकि किसान भाइयों को कृषि की अच्छी पैदावार मिल सके । इस तरीके में बीज…

निर्जला एकादशी का व्रत कब है ? 17 जून या 18 जून

ज्येष्ठ शुक्‍ल एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाता है। जेठ के महीने की भीषण गर्मी में बिना अन्‍न-जल ग्रहण किए निर्जला व्रत रखना बहुत कठिन होता है। इसलिए…

होलिका दहन कब ? और क्यों किया जाता है ?

सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक त्यौहार है होली और होली के त्योहार से जुड़ा हुआ है होलिका दहन। होलिका दहन कब और क्यों किया जाता हैं और…

श्रमिक कार्ड योजना क्या हैं ? किसको कितनी छात्रवृति/सहायता मिलती है ?श्रमिक कार्ड से जुड़ी हुई योजनाओ की जानकारी

क्या आप एक श्रमिक है और आप अपने बच्चों की पढ़ाई और उसमे होने वाले खर्चे को लेकर चिंतित है तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।आपकी चिंता…

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) शिखर सम्मेलन 2023 कहां हुआ ?

आज के इस भौतिकवादी युग में जहां तकनीकी विकास अपने परवान पर है.. वहीं तकनीकी का मानव जीवन में महत्व और उससे होने वाली समस्याओं,अपराध,बदलती जीवन शैली को लेकर आज…

घर परिवार को स्वर्ग से सुंदर कैसे बनाएं ? अपनाएं यह आसान पांच तरीके(एक प्रेरणादायक कहानी)

स्वर्ग से सुंदर हो घर अपना एक ऐसा काम तुम जरूर करना और किसी भी परिवार को स्वर्ग से सुंदर और मंदिर जैसा बनाया जा सकता है बस आवश्यकता होती है…

अब घर बैठे ही इस प्रकार करा सकेंगे मृतक परिजनों की अस्थियों का विसर्जन ।

अब इसे वक़्त की मार कहे या  समय की आवश्यकता  या फिर मजबूरी कि वक्त के अनुसार कुछ परंपराएं कुछ परिपाटियां  बदल जाती है । कभी ये बदलाव मुश्किलों का…

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