सामान्यतया सरकारी कर्मचारियों के एपीओ (APO)  किए जाने व निलंबित किए जाने जैसे शब्दों का प्रयोग आपने भी किया होगा, आपने सुना भी होगा और पढ़ा भी होगा । यह कि दोनों शब्द जितने चर्चित हैं उतने ही समझ से बाहर है ।अक्सर इन दोनों शब्दों को एक ही समझ लिया जाता है लेकिन आपको बता दें की इन दोनों में बड़ी भिन्नता है । आइए इस आलेख के माध्यम से जानते हैं एपीओ APO) और निलंबन(suspension) क्या है ?  और क्या है ? दोनों में भिन्नता है ।

  • एपीओ (APO) क्या होता है ? 


किसी भी सरकारी कर्मचारियों को एपीओ (APO) करने  की खबरें आपनेभी पढ़ाई भी होगी, इसके बारे में आपने सुना ही होगा और यह सवाल मन और मस्तिष्क में आया होगा कि आखिर एपीओ की फुल फॉर्म क्या होती है तो आपको बता दें यहां APO की फुल फॉर्म  Awaiting posting order है। आपको यह भी जानकारी होगी कि एपीओ  APO) कोई सजा नहीं है बल्कि किसी प्रकार की शिकायत होने पर, अपने कर्तव्य पूर्ति  ईमानदारी से नहीं करने, कर दिया जाता है इसका तात्पर्य है कि उसे वर्तमान कार्यालय से,जहां वह पस्थापित है हटाकर किसी दूसरे कार्यालय में पदस्थापन/  POSTING करने की प्रतीक्षा में रखा जाता है और इस दौरान उसे किसी उच्च अधिकारी,के अधीन किसी कार्यालय के अधीन रखा जा सकता है जहां उसे अग्रिम आदेश तक उपस्थिति देने व कार्य करने को कहा जा सकता है। यह APO तब तक रहता है जब तक उसको दूसरी जगह पदस्थापित नहीं कर दिया जाता है। अतः यह नई जगह पदस्थापित की प्रतीक्षा की स्थिति है कोई सजा नहीं है।

APO/ एपीओ की समय सीमा पहले 30 दिन की हुआ करती थी उसकी जगह अब 10 दिन कर दी गई लेकिन सरकारी कर्मचारी को किसी कारणवश 30 दिन से ज्यादा एपीओ रखना है, तो विभाग के सचिव और मंत्री के स्तर से फाइल भेजते हुए मुख्यमंत्री से मंजूरी लेनी होगी।

  • निलंबन (suspension) क्या होता है ?


एपीओ (APO)और निलंबन को एक ही समझ लिया जाता है लेकिन निलंबन(suspension) एपीओ (APO) की प्रक्रिया से अलग है।  जब किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध किसी प्रकार की शिकायत होती हैं, वह आरोपित पाया जाता है और उसकी जांच चल रही होती है तो इस दौरान उसको वह कार्यस्थल/ कार्यालय जहां वह कार्यरत है उसे छोड़ने को पाबंद किया जाता है ताकि वह कर्मचारी अपने खिलाफ की जा रही जांच को किसी प्रकार से प्रभावित नहीं कर सके और न किसी भी प्रकार का कागजी फेरबदल कर सके।यह प्रक्रिया ही निलंबन(suspension) कहलाती है। 


निलंबन तब तक रहता है जब तक उसकी जांच पूरी नहीं हो जाती अगर जांच में वह अपराधी पाया जाता है तब उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्यवाही की जाती है और अगर वह निर्दोष पाया जाता है तो उसे उसी कार्यालय में या किसी अन्य कार्यालय में पदस्थापित कर दिया जाता है ध्यान रहे निलंबन(suspension) भी एपीओ(APO) की तरह कोई सजा नहीं है।

  • बर्खास्त( Dismissed) क्या होता है ?

एपीओ और निलंबन की तरह बर्खास्त करना भी इन से संबंधित एक शब्द है एक प्रक्रिया है निलंबन और बर्खास्त सावंत दोनों शब्दों को एक समझ लिया जाता है लेकिन दोनों में भिन्नता है निलंबन में पदस्थापन से अस्थायी रूप से हटाया जाता है निलंबन हमेशा जांच प्रक्रिया पूरी होने तक रहता है लेकिन बर्खास्तगी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यवाही का परिणाम है जिसमें में कर्मचारी को हमेशा के लिए हटाया जाता है। एपीओ और निलंबन बनाई सजाना हो लेकिन बर्खास्तगी एक सजा है।

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