लॉक डाउन:कैसे हुआ न्यायिक कार्यो का नवाचार”
कोई भी शासन हो, कोई भो देश और प्रान्त हो, न्याय और न्याय के मंदिर न्यायपालिका का अपना महत्व रहा है । न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और उसकी स्वतंत्रता के आधार…
सोशल मीडिया:बच्चों में टिक-टोक का क्रेज
सोशल मीडिया बच्चों में टिक-टोक का क्रेज आज सोशल मीडिया मानो व्यक्ति के जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। क्या…
लॉक डाउन:मृत्यु भोज पर रोक एक बदलाव की शुरुआत,रोक रहे जारी
एक तरफ रोते बिलखते परिवार जन और वहीं दूसरी तरफ तरह-तरह के व्यंजन परोसे जाने का वह दृश्य आखिर क्या कुछ बयां नहीं करता, संस्कार ,प्रथा, धर्म, ओर परम्पराओ के…
लॉक डाउन में लोगों को वो सब वापस मिला जिससे वे दूर हो गये थे
अपने तो अपने होते है “ लॉक डाउन ने समाज को देश को लॉक भी कर दिया और कुछ क्षेत्रों में डाउन भी कर दिया बहुत समस्यायें भी हुई जिनको…
हिंदी भाषा पत्रकारिता के जनक थे प.जुगल किशोर शुक्ल
मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने पत्रकारिता के परिपेक्ष्य में क्या खूब कहा …..” खींचो न कमानो को न तलवार निकालो जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो ” अकबर इलाहाबादी की ये…
“राजा भर्तृहरि की गुफ़ा”/भर्तृहरि की तपोंस्थली कहां है ?
“वीरो ओर पीरो की खान” राजस्थान राज्य के अजमेर जिले की उप तहसील मुख्यालय आज का बघेरा कस्बा न केवल अपने विश्व प्रसिद्ध शूर वराह मंदिर और प्रेम के प्रतीक तोरण…
व्याघ्रपदपुर से बघेरा तक की यात्रा का पूरा इतिहास
हमारे गौरव ,शौर्य और स्वामीभक्ति की अमर कथाओ की पर्याय हमारी धरा अपने आंचल में अनेक सभ्यताओं संस्कृतियों और इतिहास को समेटे हुए हैं यह समय की गति ही कही…
क्या नारी होना अपराध है,समझे नारी की वेदना
किसी ने क्या खूब कहा है की धन के रूप में लक्ष्मी है नारी ,विद्या के रूप में सरस्वती है नारी , माँ भी है नारी, बहन भी है नारी, बहु…
विश्व पर्यावरण दिवस:लॉक डाउन ने बदल दिया पर्यावरण
किसी ने क्या खूब कहा है- ” होगा पर्यावरण विशुद्ध तभी इंसान तंदुरस्त होगा ” कहने का तात्पर्य और भावार्थ स्पष्ट है की हमारे चारों तरफ के वातावरण और पर्यावरण की…
बघेरा कस्बे की आवश्यकता और जनआकाक्षाएं व समय की मांग
बघेरा कस्बे की आवश्यकता और जनआकाक्षाएं व समय वक़्त बदलता है वक़्त के साथ जरूरते और आवश्यकतायें बदलती है शिक्षा, परिवहन ,रोजगार सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए …