विश्व पर्यावरण दिवस:लॉक डाउन ने बदल दिया पर्यावरण

किसी ने क्या खूब कहा है- ” होगा पर्यावरण विशुद्ध तभी इंसान तंदुरस्त होगा ” कहने का तात्पर्य और भावार्थ स्पष्ट है की हमारे चारों तरफ के वातावरण और पर्यावरण की…

बघेरा कस्बे की आवश्यकता और जनआकाक्षाएं व समय की मांग

बघेरा कस्बे की आवश्यकता और जनआकाक्षाएं  व समय        वक़्त बदलता है वक़्त के साथ जरूरते और आवश्यकतायें बदलती है शिक्षा, परिवहन ,रोजगार सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए …

विश्व तंबाकू निषेध दिवस और कोरोना काल

कब मनाया जाता है विश्व तम्बाकू निषेध दिवस विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा सर्वप्रथम 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाए जाने की घोषणा करके शुरुआत की गई थी लेकिन…

बालश्रम निषेध और भारतीय संविधान

न सुख की चिंता ,न दुःखो का गम ऐसा ही होता है बालपन,जी हां ,बालपन, बाल अवस्था ओर बचपन  जीवन की खुशनुमा और स्वर्णिम अवस्था है अब बचपन तो बचपन होता…

आज भी बघेरा गांव में है व्याघ्रपाद ऋषि आश्रम के अवशेष !

धर्म, अध्यात्म, सांस्कृतिक मूल्यों, गौरव ,शौर्य और स्वामीभक्ति की अमर कथाओ की  पर्याय हमारी  यह धरा अपने आंचल में अनेक, धार्मिक, पौराणिकता ,आध्यात्म तथा सभ्यताओं संस्कृतियों और इतिहास को  समेटे…

आत्महत्या निषेध दिवस कब मनाया जाता है ? इन 17 उपायों को अपनाकर आत्म हत्या को रोका जा सकता है।

आत्म हत्या:कुछ सपनों के खो जाने से जीवन नहीं मरा करता जिंदगी ईश्वर का अनमोल उपहार है आत्महत्या समस्याओं का हल नहीजंदगी तो एक जंग है इसे हर इंसान को लड़ना…

“फ़ादर्स डे”कब व क्यों मनाया जाता”- बदलता सामाजिक परिवेश और पिता।

( फादर्स डे 21 जून) “सीना छेद कर छलनी कर देते है लोग,,सहज ही अपनी पर क्यो आ जाते है लोग, जीते जी तो सम्मान करते नही उनका, मरने पर…

सोशल मीडिया ओर बदलता परिवेश

 (सोशल मीडिया दिवस 30 जून) आज हर जेब मे एंड्राइड /स्मार्ट मोबाइल  और मोबाइल के माध्यम से एक दूसरे  से जुड़ाव । जहा देखो हर कोई मोबाइल पर अपनी अंगुलिया…

जैन अतिशय क्षेत्र बघेरा जहां धरती की कोख से निकलती है प्रतिमाएं

इतिहास और पौराणिकता की दृष्टि से बघेरा ओर जैन धर्म का  संबध       केकड़ी जिले का बघेरा कस्बा पौराणिकता, आध्यत्मिकता, ऐतिहासिकता के दृष्टिकोण से अपनी अलग ही पहचान रखता है ।…

एक देश,एक व्यक्ति एक कार्ड क्यों नही

कार्ड  बनाते बनाते  जिंन्दगी का कार्ड खत्म हो जाता है एक देश,एक व्यक्ति एक कार्ड क्यों नही…..      जिसे देखो वही कार्ड की बात करता है जिसे देखो वह कार्ड…

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