बघेरा कस्बे की आवश्यकता और जनआकाक्षाएं  व समय

       वक़्त बदलता है वक़्त के साथ जरूरते और आवश्यकतायें बदलती है शिक्षा, परिवहन ,रोजगार सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए  मुद्दे पर्यटन जैसी आवश्यकता ही महसूस की जाने लगती है विशेषकर तब  जब क्षेत्र में पड़ोसी शहर पड़ोसी कस्बा उस दौर पर  चल रहे होते हैं  तो जन आकांक्षा है  बढ़ जाती है  । विशेषकर युवा वर्ग।  जैसा कि आज गांव की मूलभूत आवश्यकता है  समय की मांग है तथा ग्रामीण क्षेत्र में  नागरिकों की नस टटोलने विशेषकर युवा वर्ग की भावनाओं को जानने और समझने के बाद निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि आज  लोगों के दिल -दिमाग और भावनाओं में  किस चीज की आवश्यकता महसूस की जा रही है  उन्हें कुछ यूं शब्दो मे पिरोने की कोशिश की ….. इन बिंदुओं का सम्बंध न किसी राजनीतिक दल से हैं और न ही  किसी व्यक्ति से इन बिंदुओं  का संबंध सिर्फ मेरे गांव से है। आखिर किस के मन मस्तिष्क में अपने गांव अपने जन्मभूमि और अपने क्षेत्र के विकास की भावना नहीं होती होती है बस कुछ नहीं प्रकट नहीं करते और कुछ नहीं अपनी कलम के माध्यम शब्दो  मे  पिरोने का प्रयास करते हैं….

समय की मांग और आवश्यकता जो विचारणीय है । 
क्या है 24 सूत्रीय योजना_____________________________________
 ( 1 ) बघेरा के दोनों तरफ से मुख्य द्वार बनाए जाने की आवश्यकता जैसा कि आजकल टोडा से पूर्व गेट बनाए जा रहे हैं ।
(2) बघेरा में बालिका माध्यमिक विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किए जाने की दरकार है 
(3) टोडा  गेट से बाईपास तक रोड का सूढरिकरण और चौड़ाईकरण हो यह आज की जरूरत है 
(4) केकड़ी बाईपास से बघेरा अस्पताल तक रोड की चौड़ाई करण और डिवाइडर साथ में लाइटिंग की व्यवस्था हो
(5) माताजी के सामने वाले पार्क में व्यवस्था को सुधारा  जाए साथ ही पार्क के दोनों तरफ गेट लगाया जाये केवल पैदल व्यक्तियों की आने जाने की व्यवस्था रहे वाहनों का आवागमन बंद किया जाए
(6 ) केकड़ी बाईपास जहां से माता जी की तरफ जाने का रास्ता और गौरव पथ पर आने की रास्ता के कॉर्नर पर एक सर्किल का निर्माण किया जाए
( 7) आवागमन के साधनों के लिए रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था की जाए
(8 ) राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमनोत किए जाने की आवश्यकता।
(9 )देवगांव गेट बस स्टैंड पर जो डीपी (बिजली) लगी है उसको दूसरी जगह स्थान पर शिफ्ट की जाए
(10) जिस प्रकार माताजी के मंदिर में घमलें लगाकर सौंदर्यकरण  किया गया उसी प्रकार भगवान वराह मंदिर परिसर में भी किया जाना चाहिए इसके लिए गांव के युवा वर्ग को तथा दानदाताओं को आगे आना चाहिए
 (11) गली मोहल्लों में कचरा एकत्रित करने के लिए एक वाहन (टेम्पो) की आवश्यकता है इससे ग्रामीण क्षेत्र में साफ-सफाई भी रहेगी साथ ही गांव वालों की आदतों में भी कुछ सुधार होगा
 (12) वराह मंदिर परिसर के लिए एक मुख्य द्वार बनाए जाने की दरकार
(13) तालाब की पाल वाले पार्क में व्यवस्था बढ़ाई जाए 
(14)वराह सागर के बीच एक टापू पर छोटा सा शिव मंदिर निर्मित किया जाए
(15) राजकीय संस्कृत विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्त किया जाए 
(16) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11 में संस्कृत वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू किया जाए तभी संस्कृत विद्यालय की सार्थकता नजर आएगी
(17) बघेरा की ऐतिहासिक धरोहर तोरण द्वार क्षतिग्रस्त हो रहा है उसकी मरम्मत और देखरेख के लिए संरक्षण के लिए धरातल पर प्रयास किया जाए
(18) पर्यटन और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से कस्बा एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है इस दिशा में और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है
(19) उच्च शिक्षा आज की आवश्यकता बन चुकी है क्षेत्र के बालक और बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालय स्तर की शिक्षा केकड़ी क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में महसूस की जाती है ताकि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बालक बालिका जो शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे बड़े कस्बों में नहीं जा सकते उनके लिए महाविद्यालय की स्थापना आज आवश्यकता बन चुकी है
(20) गांव के मुख्य चौराहे और साथ मे  वराह मंदिर परिसर माता जी मंदिर के सामने बड़ी हेलोजन लाइट लगाई जाने की जरूरत ।
(21) अच्छे स्वास्थ्य और पुण्य लाभ एक पंथ दो काज जैसे कार्यों को सार्थक करने के लिए सुबह शाम घूमने जाने वालों की तादाद दिनों पर दिन बढ़ती जा रही है लेकिन  देवगांव गेट से  माताजी तक के रास्ते पर लाइट की सुगम व्यवस्था नहीं होने के कारण आम जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ता इसलिए बस स्टैंड से लेकर माताजी तक के रास्ते पर लाइट की शुभ व्यवस्था की जाने की आवश्यकता है।
(22) रोजगार जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है केकड़ी पंचायत समिति के सबसे बड़ी ग्राम पंचायत के युवा वर्ग आज रोजगार की तलाश में दूसरे कस्बों और दूसरे शहरों में जाने को मजबूर होते हैं यहां तक कि अपना गांव अपना कस्बा छोड़कर दूसरे शहरों में निवास करने को मजबूर हो जाते हैं उन्हें रोजगार जो चाहिए कहा जाता है कि जब खेत का पानी खेत में रहे तो फसल अच्छी होती है जब गांव के युवा वर्ग को गांव में ही उसे अच्छा रोजगार उपलब्ध हो जाए तो कोई अपनी जन्मभूमि को छोड़ने को मजबूर नहीं होते रोजगार के नए नए क्षेत्र  तलाशने और रोजगार के नए क्षेत्र उपलब्ध करवाने की आज आवश्यकता है ।
(23) . शिक्षा  आज व्यक्ति का मूल अधिकार है और आवश्यकता भी शहर हो या गांव हर जगह के होनहार और प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा का उचित माहौल मिले अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का जो सार्थक प्रयास किया जा रहा है महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल क्या केवल शहरी बच्चों को ही अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है क्या गांव के होनहार बच्चों के लिए उसकी आवश्यकता नहीं है आज आवश्यकता है तो केकड़ी पंचायत समिति की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत बघेरा में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल की स्थापना की जाए ताकि यहां के बच्चों को भी वह शिक्षा मिले जो शहरी बच्चों को उपलब्ध होती है विशेषकर उन बच्चों को जो अपने सामाजिक आर्थिक और पारिवारिक स्थिति के कारण बड़े शहरों में जाकर शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं
(24) एक जमाना था जब गांव में कोली समाज के लोग चद्दर गलीचे और कपड़े बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनाया करते थे लेकिन समय की मार के कारण आज उस समाज के युवा उस व्यवसाय से दूर होते नजर आ रहे हैं रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों में जाने को मजबूर होते हैं उन्हें हथकरघा जैसे व्यवसाय से जोड़ने के लिए उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए उनके लिए विशेष योजनाओं के तहत उन्हें अपने परंपरागत व्यवसाय में रोजगार उपलब्ध करवाई जाने की आवश्यकता महसूस की जाती है।

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