स्रोत ;- राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री जनसंपर्क प्रकोष्ठ द्वारा जारी कोविड समीक्षा बैठक  प्रेस नोट।

सभी उपाय सुनिश्चित कर स्पेंडिंग रोके :- मुख्यमंत्री

कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर रखते हुए शुक्रवार 31 दिसंबर 2021 को जयपुर में कॉविड समीक्षा बैठक आयोजित की गई । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से इस समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।  राजस्थान के मुख्यमंत्री श्रीमान अशोक जी गहलोत ने कहा है कि सभी उपाय सुनिश्चित कर स्पेंडिंग कर रोका जाए। । उन्होंने कहा है कि कोविड-19 एप्रोप्रियेट बिहेवियर की पालन नहीं हुई तो सरकार 3 जनवरी से सख्त और एहतियात कदम उठाने को मजबूर होगी ।

मुख्यमंत्री श्री अशोक जी गहलोत
  • 31 जनवरी तक दूसरी डोज लगाने को प्राथमिकता

श्रीमान गहलोत ने कहा है कि पहली लहर के समय जिस प्रकार की चुनौतियों से रामगंज एवं भीलवाड़ा में कोरोना संक्रमण रोका गया था उसी प्रकार गंभीरता से हमें अब भी संक्रमण को रोकना है । संक्रमण की घातकता से बचने के लिए वैक्सीलेशन ही सबसे कारगर उपाय है।  ऐसे में 31 जनवरी तक सभी पात्र लोगों को दूसरी डोज अनिवार्य रूप से लगाई जाएं इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें । 

  • सजकता के साथ एहतियात बरतना जरूरी

उन्होंने कहा है कि लोगों में यह भ्रांति है कि  ओमिक्रोम वैरीयट कम घातक और कम गंभीर है जबकि वास्तविकता में यह बहुत तेजी से फैलने वाला वायरस है। चिकित्सा विशेषज्ञों की राय है कि कोरोना के इस वायरस की प्रसार क्षमता अधिक होती है उसमें बदलाव भी शीघ्र होता है । जैसा कि दूसरी लहर के समय देखने को आया था अल्फा वैरीअएट से मयूटेट होकर कब उसका डेल्टा वैरीअंट सामने आ गया है  पता ही नहीं चला और इस खतरनाक वायरस ने पूरे विश्व में भयंकर तबाही मचा दी है । ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि ओमिक्रोम वायरस कब घातक रूप ले ले और हमारे सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो जाए ऐसे में पूरी सजगता और समझदारी और सजकता के साथ एहतियात बरतना जरूरी है । कोविड प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना ही हमें इस लहर से बचा सकती है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि संक्रमण का समय पर पता लगाकर इसका प्रसार रोकने के लिए जांच कार्य को बढ़ाएं और सघन कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग की जाए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन इलाकों में अधिक केस आ रहे हैं वहां कंटेंटमेंट जॉन की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करें ।

  • प्रचार प्रसार से जागरूकता अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा है कि जयपुर सहित संपूर्ण प्रदेश में अभियान चलाकर शत प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लगाने के लिए प्रेरित किया जाए । मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों से अपील की है कि वे 31 जनवरी तक संपूर्ण वैक्सीनेशन आवश्यक रूप से कराएं  । इसके अतिरिक्त श्री गहलोत ने बताया कि कोविड की पहली और दूसरी लहर में कोविड से बचाव के लिए जिस प्रकार जागरूकता अभियान चलाया गया था उसी तरह प्रदेश भर में संक्रमण से बचने के लिए लाउड स्पीकर , इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, एफएम आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाना आवश्यक है। 

उन्होंने कहा कि सभी की सजगता और सतर्कता से ही कोविड-19 प्रसार को रोका जाना संभव हो सकेगा। इस बैठक में शिक्षा मंत्री श्री परसादी लाल मीणा ने कहा है कि भारत सरकार ने कोविड-19 की बढ़ती संख्या को देखते हुए 8 राज्यों में सख्त उपाय बरतने के निर्देश दिए हैं राजस्थान भी इसमें शामिल है । 
चिकित्सा विभाग प्रदेश भर में टेस्टिंग सहित तमाम व्यवस्थाओं को मजबूत कर रहा है। 

  • इन्होंने भी दिए अपने अपने सुझाव

इस समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया, जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास, गृह राज्य मंत्री श्री राजेंद्र सिंह यादव, विधायक श्री अमीन कामजी, श्री रफीक खान ,महापौर जयपुर हेरिटेज श्रीमती मुनेश गुर्जर, महापौर जयपुर ग्रेटर श्रीमती शील धाभाई ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 

इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जयपुर जिला प्रभारी सचिव श्री सुभाष पंत जी ने कहा है कि विगत दिनों में जयपुर में कोवीड से बढते कैसो  की संख्या को ध्यान में रखते हुए इएफोर्समेंट को बढ़ाना जरूरी है ताकि कोविड प्रोटोकोल की प्रभावी पालना हो सके।

  • खाचरियावास ने स्कूल कॉलेज बंद करने का दिया सुझाव

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास स्कूल कॉलेज विश्वविद्यालय को कम सेे कम 2 सप्ताह के लिए बंद करने का सुझाव इस बैठक में दिया । जिस पर मुख्यमंत्री जी ने गोर भी किया और इस मीटिंग में उपस्थित अन्य सदस्यों ने इसमें अपनी सहमति जताई। अब यह देखना है कि सरकार क्या निर्णय करती है ।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास
  • शादी समारोह भीड़भाड़ पर हो सकती है पाबन्दी

प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अजय कुमार ने बताया कि जयपुर में संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन नाइट कर्फ्यू, होम कवारन्टीन,  आदि व्यवस्थाओं को पहले की तरह प्रभावी बनाना होगा साथ ही अंतिम संस्कार,शादी समारोह, धार्मिक स्थल सहित अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों की संख्या को और सीमित किया जा सकता है । 

जिला कलेक्टर श्री अंतर सिंह नेहरा ने जयपुर में कोविड-19 की स्थिति वैक्सीनेशन, कंटेनमेंट जॉन सहित संक्रमण रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर को जिले में एक्टिव केसों की संख्या तो 83 थी जो 30 दिसंबर को बढ़कर 521 हो गई है।  गुरुवार को एक ही दिन में 185 पॉजीटिव केस मिले हैं । प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए शहर को 23 जनों में  बांटकर आर ए एस अधिकारियों को इंसिडेंट कमांडर के रूप में जिम्मेदारी दी गई है ।

  • कोविड प्रोटोकॉल की पालन के लिये सख़्त उपाय अपनाये जा सकते हैं

बैठक में सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर वीरेंद्र सिंह,आर यू एच एस अस्पताल के अधीक्षक अजीत सिंह, सहित अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि दुनिया के अन्य देशों तथा देश के अन्य राज्यों की तरह जयपुर में भी ओमिक्रोम वैरीएट से संक्रमण के मामले सामने आए हैं। यह वैरीअंट डेल्टा की तुलना में कई गुना तेजी से फैलता है इससे बचने के लिए हमें लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है । जमीनी स्तर पर कोविड एम्प्रोबप्रियंट बिहेवियर की पालना के लिए निरंतर सख्त उपाय अपनाने चाहिए । 

  • ये भी थे बैठक में उपस्थित

बैठक में मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक श्री एम एल लाठर, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, जयपुर पुलिस आयुक्त श्री आनंद श्रीवास्तव, शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री भवानी सिंह देथा, जेडीसी श्री गौरव गोयल, नगर निगम आयुक्त जयपुर ग्रेटर श्री यज्ञ मित्र सिंह, नगर निगम आयुक्त जयपुर हेरिटेज श्री अवधेश मीणा, सीएमएचओ डॉ नरोत्तम शर्मा एवं डॉक्टर हंसराज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों व  चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित थे।

स्रोत ;- राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री जनसंपर्क प्रकोष्ठ द्वारा जारी कोविड समीक्षा बैठक  प्रेस नोट।

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