जिंदगी में सफलता आखिर कौन नहीं प्राप्त करना चाहता । हर व्यक्ति के अपने सपने होते हैं और वह अपने सपनों को पूरा करना चाहता है । विशेषकर विद्यार्थी को आज बड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजरना पड़ता है । स्कूल हो या कॉलेज के विद्यार्थी हो या फिर सरकारी नौकरियों की चाहत रखने वाले , प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी, हर कोई उस सफलता का स्वाद चखना चाहता है । कोई अपने लिए तो, कोई अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए । कुछ लोग होते हैं जो सपनों को पूरा करने में सफल हो जाते हैं और कुछ लोग हैं जो पिछड़ जाते हैं। मेहनत सभी करते हैं सफलता सभी प्राप्त करना चाहते हैं । 


कार्य कोई भी हो जब तक उसकी कोई प्लानिंग/रूपरेखा  नहीं हो, जब तक हम उसका कोई एक रोडमैप तैयार नहीं करें तब तक सफलता में बाधाएं आना स्वाभाविक है। जब आज के दौर में शिक्षा स्मार्ट हो चुकी है, परीक्षाएं स्मार्ट हो चुकी है, तकनीकी स्मार्ट हो चुकी है, क्लासरूम स्मार्ट हो चुके हैं, पेपर में सवाल स्मार्ट आने लगे है तो  जरूरी हो गया है कि अब आपको अपनी पढ़ाई और अपने अध्ययन को भी स्मार्ट बनाना होगा । 
हमे यह समझना होगा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है । उसके लिए मेहनत की आवश्यकता होती है और वह भी ऐसी जो योजनाबद्ध तरीके से की जाती हो, स्मार्ट तरीके से की जाती हो । आज स्कूल  हो  कॉलेज का विद्यार्थी हो या किसी फिर प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाला विद्यार्थी,  अगर पूर्णतया योजनाबद्ध तरीके से सफलता के इन 10 सूत्रों का अनुसरण करें तो निश्चित रूप से उसे सफलता मिलेगी और ऐसी कोई ताकत नहीं है जो उसे सफलता के शिखर तक पहुंचने से रोक दें ।

1 आप जागते हुये सपने देखों  नींद में तो अपने आप ही आ जाते है

सपने देखना किसे अच्छा नहीं लगता लेकिन फर्क इतना है की रात को सपने बिन बुलाए आ जाते हैं लेकिन दिन में सपने खुद देखने पड़ते हैं । कहां जाता है की प्रातः काल नींद में देखे हुए सपनों को सच होने की संभावना बढ़ जाती है । इसके पीछे का कारण जानकर आप आश्चर्य चकित होंगे की प्रातः काल हम अर्ध निंद्रा में या अर्थ जागृत अवस्था में रहते हैं तो उस समय सपनों के सच होने की संभावना है बढ़ जाती है।  जरा सोचिए अगर यही सपने हम दिन में पूर्णतया जागृत अवस्था में देखें तो उन सपनों को सच होने की संभावनाएं पूरी होती है।  इसीलिए अगर आप अपनी जिंदगी में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं । अगर आप सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करना चाहते हैं तो जागृत अवस्था में दिन को सपने देखना शुरू कर दीजिए। देश के पूर्व राष्ट्रपति और युवाओं के आदर्श डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था सपने तो वह होते हैं जो सोने नहीं देते

स्वेट मार्डन की पुस्तक जीत आपकी हिंदी वर्जन लेखक धर्म बारिया की पुस्तक में लिखा है कि यह जीवन बार-बार नहीं मिलता अब समय है कि मनुष्य इस जीवन का पूरा लाभ उठाएं उस चीज को पकड़े उस चमत्कार को देखना शुरू करें जो उसके अंदर है यह जीवन क्या है उसको समझना शुरू करें अपने हृदय की प्यास बुझा है ताकि उसके जीवन में शांति आ सके अशांति से बचें और उस शांत जगह में प्रवेश करें जहां आनंद ही आनंद है।

2  अपना एक लक्ष्य निर्धारित कर लो 


पेट्रिक हैनरी ने कहा था कि सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति सदा ही अपने जीवन का निर्माण स्वमं करते हैं । आप खुद ही अपने भविष्य का निर्माता हैं इसीलिए एकांत में कुछ पल बैठकर सपनों में अपनी जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित कीजिए कुछ पल एकांत में बैठकर अपनी जिंदगी के बारे में सोचिए स्वयं अपना मूल्यांकन कीजिए  ।जिस ऊंचाई को आप प्राप्त करना चाहते हैं , जो सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, उसे प्राप्त करने के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित कीजिए । जब हमें मंजिल का ही पता नहीं है तो किस रास्ते पर चलोगे कोई पता नहीं है भटकते रह जाओगे  कहां जाता है कि भटकना जिनकी आदत है वह पार नहीं पा सकते मंजिल तक नहीं पहुंचते। इसलिए कहां पहुंचना है, येे आप तय करो । आप अपनी मेहनत को उस लिफापे की तरह मत बनने दो जिस पर कोई पता ही नही लिखा हो ।आपका लक्ष्य क्या है ,आपका टारगेट क्या है ? यह आप खुद ही निर्धारित कर सकते हो और आपको करना चाहिए ।

3  अपने लक्ष्य के अनुरूप योजना बनाओ


नियोजन/ योजना/ प्लानिंग उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करता है इसलिये विद्यार्थियों के लिए भी इनकी उपयोगिता है  । सपने देखना आसान हो सकता है लेकिन उन सपनों को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता होती है । दिन की जागृत अवस्था में देखे हुए सपनों को पूरा करने के लिए एक सफल योजना का निर्माण करना दूसरी महत्वपूर्ण आवश्यकता है। अपने सपनों को पूरा करने के लिए जिस मिशन पर आप जाना चाहते हैं जिस लड़ाई लड़ने के लिए आपको आगे बढ़ना है उसके लिए हथियारों की आवश्यकता होती है और विद्यार्थी के लिए सबसे बड़े हथियार और साधन होते हैं पुस्तकें । जो उसको लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सबसे बड़ा साधन होता है। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जो भी पाठ्यपुस्तक के आपके लिए उपयोगी है क्या पढ़ना है उनका चयन कीजिए ।

4   जुट जाओ कठोर मेहनत के साथ  

 केवल योजना बनाने और लक्ष्य बनाने मात्र से ही सफलता नहीं मिल जाती है । उसे पूरा करने की मन में इच्छा शक्ति की होना आवश्यक है। मन में लगन होना आवश्यक है । कहां जाता है  किस सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। आपको केवल मेहनत ही नहीं करनी है मेहनत तो सभी करते हैं उनकी आपको कठोर मेहनत करने की आवश्यकता है क्योंकि सफलता कठोर मेहनत मांगती है । आपकी यह मेहनत कठोर के साथ-साथ स्मार्ट भी होना जरूरी है क्योंकि आज प्रतिस्पर्धा के इस वक्त में पेपर भी स्मार्ट आते हैं, परीक्षाएं में स्मार्ट होती है, तो आपको भी स्मार्ट बनना होगा आपको भी स्मार्ट मेहनत करनी होगी ।  इमर्शन ने एक स्थान पर लिखा था प्रगति वही लोग करते हैं जो संघर्ष और कठिनाइयों के दौर मेंं भी पसंद रहते हैं । उनमें इतना भरोसा इतना आत्मविश्वास होता है कि वह अपना रास्ता स्वयं ही बनाते हुए  चलते हैं ।

5 एकाग्रताका होना जरूरी


एकाग्रता (एक+अग्रता) का अर्थ है किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिये अन्य बातों पर ध्यान न लगाते हुए एक ही चीज पर ध्यान केन्द्रित रखना। आपने सुना ही होगा कहीं ना कहीं पढ़ा भी होगा कि पुराने जमाने में साधु संत एकांतवास में जाकर किसी गुफ़ा में जाकर तपस्या किया करते थे ताकि उनकी तपस्या में कोई व्यवधान ना आ सके, क्योंकि साधना में एकाग्रता होना जरूरी है , तपस्या के लिए एकाग्रता होना जरूरी है विद्यार्थी के लिए पढ़ना, लक्ष्य प्राप्त करना भी एक साधना और तपस्या से कम नहीं है । स्वामी विवेकानंद के येे विचार विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्व रखते हैं उन्होंने कहा था कि मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान है, जब वह केंद्रित होती है तो चमक उठती हैं।  दादी नानी राम नाम की माला जपे और ध्यान कहीं और हो दरवाजे पर किसी की आवाज आई तो दादी बोलती है नानी बोलती है गेट पर कौन आया है देखो , थोड़ी देर में बोलती है अरे भैंस को चारा डाल दो, थोड़ी देर से फिर बोलती है अरे भैंस को पानी पिला दो , थोड़ी देर में बोलती हैं टीवी की आवाज कम करो, थोड़ी देर में कुछ और कुछ और कुछ और । क्या दादी नानी अपनी माला जपने में एकाग्र हो पाई है नहीं क्या उसका ध्यान माला जपने में है शायद नही ….अगर आपको  सफलता  को प्राप्त करना है साधना  करनी है  तो एकाग्रता के साथ अध्ययन कार्य में जुड़ना ही होगा ।

6 ईमानदारी के साथ अध्ययन

ईमानदारी और अध्ययन से संबंधित एक प्रसंग आपको सुनाता हूं । हर व्यक्ति, हर विद्यार्थी कभी न कभी इस दौर से गुजरा होगा कि जब सर्दियों की राते और  दिन होते थे जो पढ़ाई का अनुकूल समय होता है । दिन रात पढ़ाई हमें करनी होती थी रात को अपने पढ़ाई के कमरे में लाइट जला कर सो जाया करते थे घर वालों को इस भ्रम में डालने के लिए उस कमरे की लाइट जली है तो   बच्चा पढ़ रहा है । जरा सोचिए हम लाइट जला कर पढ़ने का भ्रम बनाए रखकर घरवालों को धोखा  नही दे रहे हैं लेकिन सच्चे मायने में यह घरवालों को नहीं अपने आप को धोखा है ,जो व्यक्ति खुद के प्रति खुद के प्रति अपने कर्म के प्रति, अपने सपनो के प्रति  ईमानदार नहीं हो सकता । वह दुनिया में किसी के प्रति ईमानदार हो ही नहीं सकता । अगर सफल होना है ,अध्ययन में सफलता प्राप्त करनी है, आपको अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है तो आपका अपना अध्ययन कार्य बड़ी ईमानदारी के साथ करना होगा  दूसरों को दिखाने या दूसरों को भ्रमित करने के लिए नहीं ।


7  नियमितता हो अपने कार्य मे

बचपन में स्कूल में पढ़ा करते थे कि” करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान रसरी आवत जात है सिल पर होत निशान ”  । यह अनियमितता का ही परिणाम है विद्यार्थी को अपने आप को सफलता प्राप्त करने के लिए भी अपने अध्ययन कार्य में नियमितता को अपनाना होगा । इसका तात्पर्य  है कि कुछ दिन पढ़ाई के बाद पढ़ाई छोड़ दे पढ़ना बंद कर दे, फिर पढ़ना शुरू करते , जब परीक्षाएं शुरू होती है तो जुट जाते हैं पढ़ाई करने में ।  सफलता के लिए आपको हर रोज एक निश्चित समय तक नियमित रूप से अध्ययन करते रहना चाहिए। पढ़ाई को/ अध्ययन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा आपको बनाना होगा ।

8  विद्यार्थी जीवन मे त्याग जरूरी 


त्याग और विद्यार्थी का तो चोली दामन का साथ होता है। विद्यार्थी का तो जीवन ही त्याग का जीवन होता है। उसे अपनी इच्छाओं को त्यागना पड़ता है ,अपने मित्रों के साथ वक्त बिताने की इच्छा को त्यागना पड़ता है, उसे सामाजिक कार्यों में शामिल होना जैसे कार्यों को त्यागना पड़ता है,उसे अध्ययन के लिए रात रात भर जागकर अध्ययन करना पड़ता है अपने नींद को त्यागना पड़ता है , और जिस विद्यार्थी ने इन सब को त्याग कर अपना केवल एक ही लक्ष्य बनाकर उस पर कठोर मेहनत करना शुरू कर देता है तो निश्चित रूप से वह सफलता की मंजिल को प्राप्त करता है ।

9 लगन और इच्छा शक्ति का होना जरूरी


ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन एक विद्यार्थी होने के नाते आपको भी अध्ययन की लगन लगानी है । मन और मस्तिष्क में आपको  ठान लेना है ,इच्छा शक्ति के साथ आपको अपने लक्ष्य में जुट जाना है। दुनिया वाले चाहे जो कुछ कहे , वो तो कहेंंगे उनका तो काम ही है कहना लेकिन आपको अपने रास्ते से भटकना नहीं है। इच्छाशक्ति के साथ, पूरी लगन के साथ अपने लक्ष्य में जुट जाओ ।  बस उठते – बैठते सोते-जगते  आपको अपने उद्देश्यों के बारे में सपना है । यह सोच कर  जुट जाओ  कि कुछ  महीनों की ,कुछ वर्षों की आपकी मेहनत आपकी जिंदगी सुधार देगी ।आपके और आपके अपनों के सपने को पूरा कर देगी ।  जीत विचारों की  पुस्तक में श्री मां ने कहा है कि “जब विचार चंचल होता है तो अस्त-व्यस्त और शक्तिहीन हो जाता है इसीलिए विचारों की स्थिति ही व्यक्ति को संपूर्ण बनाती है। साथ ही अगर कुछ सीखने की ललक है इच्छा है तो शिष्यत्व भाव रखो । जिस दिन आपके मन में यह आ गया कि मैं सब कुछ जानता हूं मुझे और सीखने की आवश्यकता नहीं है उस दिन सीखने के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे ।अगर इसे अपना लिया तो सफलता एक न एक दिन आपके कदम जरूर चूमेगी।


10 अपने आप पर विश्वास बनाये रखे

 फ्रायड का कहना है कि यदि किसी पौधे को फल और फूलों से युक्त वृक्ष बनाना है तो उसकी जड़ों को खूब नीचे तक जाना होगा । इसी प्रकार की नींव पर मानसिक प्रशिक्षण और सुधार का सुंदर भवन खड़ा होता है। किसी भी नवयुवक में ऐसा आत्मविश्वास होना चाहिए जो उसे निम्न स्तर से ऊंचा उठाए और दूसरों के तिरस्कार से मुक्त कराएं। कहा जाता है कि विश्वास से ही लड़ाई जीती जाती है। आपकी मेहनत और आपका विश्वास दोनों मिलकर आपको अपनी सफलता की राह पर आगे बढ़ाने को प्रेरित करेंगे और आप जीत का पताका जरूर फहराएंगे । अगर कहीं ना कहीं आपके मन में नकारात्मक भाव आते हैं तो आप का मनोबल कमजोर पड़ सकता है और आप अपने रास्ते से भटक सकते हो इसलिए अपनी मेहनत, अपनी ईमानदारी अपनी, एकाग्रता पर विश्वास कीजिए । अपने आप पर विश्वास कीजिए और  बोलो की  “आई केेेन डू इट ” जुुुट जाइए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की राह पर आगे बढ़ने के लिए । कहा जाता है अगर नदी या तालाब में कूदने से पहले मन मे यह डर है कि कहीं में डूब गया तो डूब गया तो यही डर  से आपका आत्मविश्वास कमजोर करता है । क्योंकि कहाजाता है डर गया सो मर गया इसलिए आपको डरना नहीं है आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहना है । मारवाड़ी में कहावत है कि “रोता जावे मर्या का सुण लेकर आवे”  जब आप किसी कार्य की शुरुआत ही डरते डरते , रोते रोते नकारात्मक भाव से करते हो तो जीत आपसे कोसों दूर रहेगी इसलिए आत्मविश्वास  बनाए रखें।  ” यू केन डू इट” 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You cannot copy content of this page