पहला सुख निरोगी काया :जागरूक रहे सुरक्षित रहे

अक्सर “जागते रहो-जागते रहो” शब्दो से आप परिचित होंगे हमारे चौकीदार बन्धु के ये शब्द हमारे आसपास होने वाली घटित घटनाओं के प्रति हमें सचेत और जागृत करता है।उसी प्रकार व्यक्ति के जीवन में जागृत,सचेत,सावधान ओर जानकार होने की स्थिति जागरूकता का भाव प्रकट करता है  जागरूकता / जागृति जीवन का नजरिया है,एक जीवन शैली है जो हमें हमारे आस पास होने वाली प्रत्येक घटना/कार्य चाहे  वह सामाजिक परिवेश हो आर्थिक परिवेश हो चाहे सांस्कृतिक परिवेश हो हर जगह जागृत ओर सावधान,रहने का भाव पैदा करती हमें जागरूक रहने को प्रेरित करती है ताकि हम हमारे आस पास होने वाली घटित घटनाओं से नकारात्मक रूप से प्रभावित होने से बचा सके ।

कोरोना काल मे जागरूकता


वर्तमान परिपेक्ष में न केवल भारत वरन पूरे वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस जैसी महामारी ने पैर पसार लिए हैं आज इस दौर में हमे जागरूक रहने की जरूरत है इसके महत्व को समझने की आवश्यकता है सचेत,जागरूक ओर जानकारी के महत्व को समझ कर ही इस बीमारी से संक्रमित होने से बच सकते है क्योंकि हमारी जागरूकता में ही हमारी सुरक्षा है हमें किन-किन माध्यमों से यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्तियों में फैल सकता है किस प्रकार संक्रमण से अपने आपको और अपने समाज को बचा सकते है हमें अपनी जीवन शैली में क्या कुछ बदलाव लाना चाहिए जिससे हम इस महामारी से बच सकें । विभिन्न सरकारी तथा गैर सरकारी संगठन,प्रशासन सभी विभिन्न तरीके से आम जनता को जागरूक कर रहे हैं अब एक जागरूक नागरिक का दायित्व बनता है कि सरकारी गाइड लाइन के अनुसार गाइड लाइन की पालना करते हुए अपने आपको अपने परिवारजनों को और समाज को इस संक्रमण से बचाना है हमें यह समझना होगा कि हमारी जागरूकता में ही हमारी सुरक्षा। किसी ने सच ही कहा है पहला सुख निरोगी काया और निरोगी काया हम जागरूक और सचेत रहकर ही निरोगी काया के धनी हो सकते हैं । 

निरोगी काया के लिये जागरूकता जरूरी


भागदौड़ की इस दुनिया मे आज हर कोई अपने काम में व्यस्त है ओर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।हालाँकि आज कई लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं लेकिन अधिकतर लोग स्वास्थ्य के प्रति उतने सजग नहीं हुए है स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रति वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह एक थीम के साथ मानाया जाता है विधिक जागरूकता सप्ताह,सामाजिक जागरूकता सप्ताह,उपभोक्ता जागरूकता सप्ताह की दर्ज पर आज आवश्यकता है कि स्वास्थ्य सतर्कता जागरूकता सप्ताह भी आम जनता तक पहुंचे इसे पंचायत स्तर तक भी मनाए जाने की आवश्यकता है ताकि देश का हर नागरिक चाहे वह शहरी नागरिक हो या ग्रामीण अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सके और इसके महत्व को समझ सके साथ ही,विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं स्कूल कॉलेज स्तर पर  स्वास्थ्य जागरूकता के विषयों पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों में जागरूकता के महत्व को प्रसारित किए जाने की आवश्यकता है इसीलिए प्रसिद्ध विद्धवान – रेबा मकएंटीरे ने कहा था कि “दुनिया का सम्पूर्ण धन खर्च करके भी आप अपना अच्छा स्वास्थ्य वापस नहीं प्राप्त कर सकते।” अतः आपकी जागरूकता में ही आपकी सुरक्षा है जागरूक रहे सुरक्षित रहे।

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