केंद्र की संसदीय शासन व्यवस्था की तरह राज्यों में भी संसदीय शासन व्यवस्था को अपनाया गया है, जहां कार्यपालिका का नाम मात्र का मुखिया राज्यपाल होता है। राज्यपाल द्वारा दोहरी भूमिका मानी जाती है । प्रथम भूमिका -केंद्र के एजेंट के रूप में और दूसरी भूमिका- राज्य के संवैधानिक प्रमुख की भूमिका।

  • राजस्थान में राज्यपाल का पद सृजन


जहां तक राजस्थान के राज्यपाल का सवाल है तो 01 नवंबर 1956 को जब राजस्थान का एकीकरण पूर्ण हुआ, उस दिन राजस्थान में पहले राज्यपाल के रूप में सरदार गुरुमुख निहाल सिंह ने पद ग्रहण किया था। 
इससे पूर्व राजस्थान के एकीकरण पूर्ण होने और राज्यपाल पद का सृजन होने से पूर्व राजस्थान के पहले एवं एकमात्र राज प्रमुख जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 30 मार्च 1949 को इस पद पर नियुक्त किया था जो कि 1 नवंबर 1956 तक इस पद पर बने रहे।


01 नवंबर 1956 से लेकर वर्तमान समय तक राजस्थान में कुल  23 व्यक्तियों ने राज्यपाल व अतिरिक्त राज्यपाल के पद को सुशोभित किया है।  इनमें से कुछ राज्यपाल ऐसे हैं जो अपने कार्यकाल पूरा नहीं कर सके और उससे पूर्व ही उनकी मृत्यु हो गई ।राजस्थान के ऐसे राज्यपाल की संख्या चार/04 है । आइए इस आलेख के माध्यम से जानते हैं उनके बारे मे……

  • राज्यपाल जिनकी पद पर रहते हुए मृत्यु


राजस्थान के राज्यपाल और जिनके पास राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार था उनमें से राजस्थान में कुल ऐसे चार राज्यपाल रहे हैं जिनकी पद पर रहते मृत्यु हुई थी। आइये जानते है उनके नाम, कार्यकाल, उनके जीवन से जुड़े हर पहलू के बारे में….।

  • 1 सरदार दरबारा सिंह 


दरबारा सिंह ने राजस्थान के 22 वे राज्यपाल थे राज्यपाल के रूप में 1 मई 1998 से 25 मई 1998 तक तारीख किया था। उन्होंने मात्र 24 दिन इस पद पर कार्य किया और पद पर रहते हुए इनकी मृत्यु हो गई ।ज्ञात हो कि राजस्थान के राज्यपाल के रूप में इनका कार्यकाल सबसे कम रहा और यह राजस्थान के ऐसे पहले राज्यपाल भी थे जिनका पद पर रहते हुए निधन हुआ था। 
ज्ञात हो कि श्री दरबारा सिंह राजस्थान के सबसे कम कार्यकाल वाले राज्यपाल भी हैं,जिनका पद पर रहते हुए मात्र 24 दिन के कार्यकाल के दौरान ही निधन हो गया।

  • कौन है दरबारा सिंह (जीवन परिचय)


सरदार दरबारा सिंह का जन्म 25 फरवरी 1927 को लायलपुर (ब्रिटिश भारत ) जो कि वर्तमान में पाकिस्तान में स्थित है में हुआ था। 
अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में यह स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में रहे राजनीति में रहे और 1972 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली ।
1996 तक कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े रहे इसी दौरान 1980 से 1983 तक के कार्यकाल में पंजाब के मुख्यमंत्री भी रहे। 


1996 में ये कांग्रेस छोड़कर शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए और 1998 तक पार्टी से जुड़े रहे ।इससे पूर्व ये पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे अध्यक्ष के रूप उनका कार्यकाल 14 मार्च 1969 से 3 सितंबर 1973 तक रहा । इसके बाद 1996 से 1998 तक के लोकसभा सदस्य भी रहे।


01 मई 1998 को इन्हें राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया लेकिन मात्र 24 दिन के कार्यकाल के दौरान ही 71 वर्ष की आयु में 24 मई 1998 को उनकी मृत्यु हो गई।

  • ध्यातव्य


ज्ञात हो कि राजस्थान के राज्यपाल के रूप में सबसे अधिक लंबा कार्यकाल राजस्थान के पहले राज्यपाल गुरुमुख निहाल सिंह का था और सबसे कम कार्यकाल सरदार दरबारा सिंह का रहा।

  • 2 निर्मल चंद जैन 

राजस्थान के 14 वे राज्यपाल के रूप में श्री निर्मल चंद जैन ने 14 मई 2003 से 22 सितंबर 2003 तक इस पद पर कार्य किया था। निर्मल चंद जैन राजस्थान के ऐसे दूसरे राज्यपाल है जिनका पद पर रहते निधन हुआ था।

  • निर्मल चन्द जैन कौन है ( जीवन परिचय)


राजस्थान राज्यपाल रहे श्री निर्मल चंद जैन का जन्म 24 सितंबर 1924 को मध्यप्रदेश में हुआ था ।निर्मल चंद जैन मूलतः अधिवक्ता( एडवोकेट) थे जो मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल और भारतीय वित्त आयोग के सदस्य भी रहे।
सन 1977 से 1980 में मध्य प्रदेश के सिवनी से लोकसभा सदस्य भी रहे। 
इनको मई 2003 में राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था लेकिन अल्प समय में ही राजस्थान के राज्यपाल के रूप में रहते हुए 22 सितंबर 2003 को उनकी मृत्यु हो गई। ज्ञात हो कि श्री निर्मल चंद जैन का संबंध जनता पार्टी, भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी से रहा था।

  • 3 श्री शैलेंद्र कुमार सिंह 


श्री शैलेंद्र कुमार सिंह जो की राजस्थान के 17 वे राज्यपाल थे इस पद पर इनका कार्यकाल 6 सितंबर  2007 से लेकर 01 दिसंबर 2009 तक रहा ।
शैलेंद्र कुमार सिंह राजस्थान के ऐसे तीसरे राज्यपाल हैं जिनकी पद पर रहते हुए मृत्यु हुई हो। राज्यपाल में रूप में इनका कार्यकाल 2 वर्ष 2 माह और 5 दिन तक रहा।

  • शैलेंद्र कुमार सिंह कौन है (जीवन परिचय )


शैलेंद्र कुमार सिंह का जन्म 24 जनवरी 1932 को राजस्थान में हुआ था ।मूलत यह एक सिविल सेवक रहे और भारत के 16 वे विदेश सचिव के रूप में इन्होंने कार्य किया ।


अपने प्रारंभिक जीवन काल में ये अफगानिस्तान, जॉर्डन,लेबनान ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत के रूप में और  इसके अतिरिक्त इन्होंने साइप्रस और पाकिस्तान में उच्चायुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दी ।


राजस्थान के राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने से पूर्व अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में 15 अप्रैल 2007 से 3 सितंबर 2007 तक कार्य किया।
शैलेन्द्र कुमार सिंह कि राजस्थान के राज्यपाल के रूप में 16 अगस्त 2007 को नियुक्ति हुई लेकिन उस समय यह अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल थे, वहां से त्यागपत्र देने के उपरांत इन्होंने 6 सितंबर 2007 को राजस्थान के राज्यपाल का पद ग्रहण किया था  और 01 दिसंबर 2009 तक पद पर कार्य किया। पद पर रहते हुए 77 वर्ष की आयु में दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद इनकी मृत्यु हो गई।

  • 4  श्रीमती प्रभा राव


श्रीमती प्रभा राव राजस्थान की दूसरी महिला राज्यपाल थी इनका कार्यकाल 25 जनवरी 2010 से लेकर 26 अप्रैल 2010 तक रहा । यह राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल जिनकी पद पर रहते मृत्यु हुई थी। श्रीमती रामव राजस्थान की 18वीं राज्यपाल थी इनका राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्यकाल मात्र 3 माह 01 दिन रहा ।

  • श्रीमती प्रभा राव कौन है( जीवन परिचय)


मात्र 03 माह व 01 दिन तक राजस्थान की राज्यपाल रहने वाली प्रभा राव का जन्म 4 मार्च 1935 को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हुआ था ।
अपने राजनीतिक जीवन के प्रारंभ में यह पहली बार सन 1972 में महाराष्ट्र विधानसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई ।इसके साथ ही यह 6 बार विधायक रही और कई बार कैबिनेट और राज्यमंत्री के रूप में मंत्री पद भी सुशोभित किया।
श्रीमती राव  1999 में लोकसभा सदस्य रही ज्ञात हो कि ये मध्य प्रदेश से सांसद (लोकसभा सदस्य) के रूप में निर्वाचित हुई थी।


प्रभा राव राजस्थान की राज्यपाल रहने से पूर्व 19 जुलाई 2008 से 24 जनवरी 2010 तक हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल के रूप पर रही ।


हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल रहते हैं/ इसी दौरान इन्होंने 3 दिसंबर 2009 से 29 जनवरी 2010 तक राजस्थान के राज्यपाल के पद का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला।


हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहने के पश्चात इनको राजस्थान के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया जहां पर उन्होंने 25 जनवरी 2010 से 26 अप्रैल 2010 तक कार्य किया।ज्ञात हो कि इसी दौरान 26 अप्रेल 2010 को  इनकी असामयिक मृत्यु हो गई।

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