भारत में संसदीय शासन व्यवस्था को अपनाया गया है। जिसके तहत दो प्रकार की कार्यपालिका होती है। एक नाम मात्र की कार्यपालिका है जिसका मुखिया राष्ट्रपति होता है तथा दूसरी वास्तविक कार्यपालिका जिसका मुखिया प्रधानमंत्री होता है । राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष भी कहलाता है।  राष्ट्रपति पद का उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 52 में है । 


इनके अतिरिक्त भारतीय संसदीय शासन प्रणाली में उप राष्ट्रपति के पद का भी संविधान के अनुच्छेद 63 में प्रावधान है ।ध्यान देने योग्य बात है कि उप राष्ट्रपति का यह पद अमेरिका से प्रेरित है। 

  • भारत के अब तक के उपराष्ट्रपति


पहले चुनाव सर्वप्रथम 1952 में हुए थे तब से लेकर वर्तमान तक के अंतिम उप राष्ट्रपति चुनाव जो कि  2017 में हुए तक 14 व्यक्ति इस पद को सुशोभित कर चुके हैं लेकिन कार्यकाल की दृष्टि से बात करें तो वर्तमान उपराष्ट्रपति श्री वैंकया नायडु देश के 15 राष्ट्रपति हैं तथा व्यक्तिगत रूप से यह 13वें राष्ट्रपति है।

1.डॉक्टर राधाकृष्णन (1952–1962)
2.डॉक्टर जाकिर हुसैन (1962–1967)
3.वी वी गिरी (967–1969)
4.जी एस पाठक (1969–1974)
5.बी डी जत्ती (1974–1979)
6.एम हिदायतुल्लाह (1979–1984)
7 आर वेंकटरमन (1984–1987)
8.शंकर दयाल शर्मा (1987–1992)
9. के आर नारायणन .(1992–1997)
10.कृष्णकांत ( 1997–2002)
11.भैरों सिंह शेखावत (2002–2007)
12.मोहम्मद हामिद अंसारी (2007–1017)
13.वेंकैया नायडू ( 2017…..)

  • पद पर रहतेे हुए इनकी हुई मृत्यु

उपरोक्त उप राष्ट्रपतियों में से वीवी गिरी में कार्यकाल पूर्ण होने से पहले अपने तक पद से त्यागपत्र देनेे से पद रिक्त हुुुआ था और पहली बार कार्यकाल पूरा होने से पूर्व ही पद रिक्त हो गया हो लेकिन मृत्यु हो जाने केे कारण पहली बार 2002 मे पद रिक्त हुुुआ था।

श्री कृष्ण कांत एकमात्र ऐसे उपराष्ट्रपति है जिनकी पद पर रहते हुए मृत्यु हो गई। उपराष्ट्रपति के लिए 11वे निर्वाचन 1997 के बाद इन्होंने 21 अगस्त 1997 को उप राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण किया था। ज्ञात हो कि उपराष्ट्रपति के रूप में अपना कार्यकाल पूर्ण करने से लगभग एक माह पूर्व(जुुुलाई 2002) ही इनकी मृत्यु हो गई थी। इन्होंने अपने पद पर लगभग 4 वर्ष 11 माह तक कार्य किया था।

  • कौन है कृष्णकांत /जीवन परिचय


भारत के दसवें उपराष्ट्रपति श्री कृष्णकांत का जन्म 28 फरवरी 1927 को  तत्कालीन पंजाब में हुआ था। इनके पिता का नाम लाला अचिंत राम  व माता का नाम सत्यवती देवी था। 

  • वैज्ञानिक के रूप  कृष्णकांत 

कृष्णकांत ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमएससी (प्रौद्योगिकी) पास किया। इसके बाद लंबे समय तक इन्होंने औद्योगिक अनुसंधान परिषद , नई दिल्ली के साथ एक वैज्ञानिक के रूप में काम किया।

  • राजनीतिक जीवन


इन्होंने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारत छोड़ो आंदोलन से की थी जसमे इन्होंने बढ़चढ़ में हिस्सा लिया । सक्रिय राजनीति में इनका संबंध राष्ट्रीय कांग्रेस (…1977 ), जनता पार्टी (1977–1988), और जनता दल ( 1988- 2002) से भी रहा।इसके अतिरिक्त भरी कृष्णकांत चंडीगढ़ (1977-1980) से लोकसभा के सदस्य और हरियाणा से राज्यसभा के सदस्य (1966-1972, 1972-1977) से सांसद रहे थे।

  • राज्यपाल के रूप में 


इन्होंने राज्यपाल के रूप में भी अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया । सर्वप्रथम इन्होंने तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में (22 दिसंबर 1996 – 25 जनवरी 1997) व आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप ( 7 फरवरी 1990 – 21 अगस्त 1997) तक कार्य किया।

  • उपराष्ट्रपति पद पर  रहते हुई मृत्यु


 कृष्णकांत 21 अगस्त 1997 से 27 जुलाई 2002 तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे,। इकाई दौरान 75 वर्ष की आयु में 27 जुलाई 2002 को नई दिल्ली में इनकी मृत्यु हो गई।

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