Day: January 30, 2026

गज़ल: “ख़ुश्क आंखों में नए ख्वाब”

ख़ुश्क आंखों में नए ख़्वाब सजाने आई , पलके नींद से बोझिल हुई तेरी याद आई ।। वक्त की धूप ने झुलसा दिया जब चेहरा मेरा। काली घटा सी तेरी…

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