गज़ल: “ख़ुश्क आंखों में नए ख्वाब”
ख़ुश्क आंखों में नए ख़्वाब सजाने आई , पलके नींद से बोझिल हुई तेरी याद आई ।। वक्त की धूप ने झुलसा दिया जब चेहरा मेरा। काली घटा सी तेरी…
(M.A. B.ED, NET, SET, Ph.d, LL.B)
ख़ुश्क आंखों में नए ख़्वाब सजाने आई , पलके नींद से बोझिल हुई तेरी याद आई ।। वक्त की धूप ने झुलसा दिया जब चेहरा मेरा। काली घटा सी तेरी…
26 जनवरी गणतन्त्र दिवस महान।। चहुंओर तिरंगा लहराए आसमान, सब जन मिल गाए पावन राष्ट्रगान।। वीरों ने हंसते हुए अपने प्राण गंवाएं, संविधान से अधिकार हमें दिलाएं।। हम सब मिलकर…
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